गुरुवार, 3 मई 2012

शुक्र पारगमन की प्रशिक्षण कार्यशाला TOV Workshop


शुक्र पारगमन की प्रशिक्षण कार्यशाला TOV Workshop

सैद्धांतिक कक्षा 
शुक्र पारगमन का सुरक्षित एवं भव्य अवलोकन के लिए आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलाहर में एक दिवसीय शुक्र पारगमन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य श्री नरेंद्र धींगडा ने बताया कि  इस कार्यशाला में दो विद्यालयों के  ४० छात्र-छात्रओं को पिनहोल कैमरा,बाक्स कैमरापानी में सूर्य का प्रतिबिम्ब बनानाटेलीस्कोप व बाइनाकुलर से प्रतिबिम्ब प्राप्त करना और सोलर फिल्टर से सूर्य को देखना आदि का प्रशिक्षण दिया गया। जैसा कि पता ही है कि 6 जून 2012 को शुक्र पारगमन होने जा रहा है।
बाक्स व पिनहोल कैमरा 
जून 2012 को शुक्र ग्रह का पारगमन होने जा रहा हैअर्थात् शुक्र ग्रह सूर्य के सामने से होकर गुजरेगा। यह बहुत दुर्लभ खगोलीय घटना होने के कारण खगोलविज्ञानियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। विज्ञान एवं तकनीकी विभाग ने इस  दुर्लभ खगोलीय घटना के सुरक्षित अवलोकन के लिए देश भर में व्यापक प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। इसी के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स द्वारा स्कूलों में शुक्र पारगमन के सुरक्षित अवलोकन का प्रशिक्षण  दिया जाना है।
टेलीस्कोप से प्रतिबिम्बन 
मास्टर दर्शन लाल ने इस बारे बच्चो को विस्तार से बताया और सूर्य का प्रतिबिम्ब प्राप्त करने के बहुत से तरीके बताए।
क्या करें?
केवल सौर डिस्क का प्रक्षिप्त बिम्ब देंखे।
दूरबीन/बाइनाक्यूलर और पिनहॉल कैमरा से सूर्य के बिम्ब का प्रेक्षेपण पिन होलदूरबीन या बाइनाक्यूलर की एक जोड़ी द्वारा एक छायादार दीवार पर सूर्य के प्रतिबिम्ब को प्रेक्षिपित करें।
सुरक्षित सोलर फ़िल्टर 
केवल वैज्ञानिक रूप से जांचे गये सौर फिल्टर का इस्तेमाल करक ही सूर्य की ओर देखना चाहिए। ध्यान देने वाली बात है कि सिर्फ तीक्ष्ण दृष्टि वाले व्यक्ति ही सूर्य के डिस्क पर शुक्र को एक छोटे काले धब्बे के रूप में देख सकेंगे। पारगमन के दौरान काला धब्बा सौर डिस्क के उत्तरी भाग में पूर्व से पश्चिम की ओर पार करता दिखाई देगा।
क्या न करें?
बिना सुरक्षित सौर फिल्टर केखुली आंखों से पारगमन की किसी भी कला को देखने का प्रयास न करें।
दूरबीन या बाइनाक्यूलर से सीधे कभी न देखें।
धुएंदार कांचरंगीन फिल्मधूप के चश्मेअनवरित श्वेत-श्याम फिल्मफोटोग्राफिक ट्रल डेन्सिटी फिल्टर तथा पोलराइजिंग फिल्टरों का इस्तेमाल न करें। ये सभी सुरक्षित नहीं हैं।
फिल्टर के साथ भी सूर्य की ओर लगातार न देखेंकुछ सकेंड के अंतराल पर देखें।
इस अवसर पर कपिल,विशु,शिल्पा,दिव्या,शिवम,सोनम,प्रियंका,मनीष,जतिन,आकाश ने विशेष योगदान दिया 
अमर  उजाला मई ४ २०१२ माई सिटी यमुनानगर पेज-१
प्रस्तुति: ईमली इको क्लब रा.व.मा.वि.अलाहर जिला,यमुना नगर हरियाणा  
द्वारा: दर्शन लाल बवेजा(विज्ञान अध्यापक) 

1 टिप्पणी:

India Darpan ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


इंडिया दर्पण
की ओर से आभार।